एक गाँव में दो दीपक थे। पहला कहता था, "मैं छोटा हूँ, मेरी रोशनी से क्या होगा?" दूसरा बिना कुछ कहे हर रात जलता रहा। एक दिन तेज़ आँधी आई। लोगों ने उसी दीपक की रोशनी में सुरक्षित रास्ता ढूँढ लिया जो हर दिन चुपचाप जलता था। तब पहले दीपक को समझ आया कि रोशनी का महत्व उसके आकार से नहीं, बल्कि उसके जलते रहने से होता है। सीख: छोटी-छोटी अच्छी आदतें भी किसी की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती हैं